RTI यानी सूचना का अधिकार (Right to Information) भारत के हर नागरिक को सरकारी कामकाज की जानकारी मांगने का अधिकार देता है। अगर किसी सरकारी दफ्तर, अधिकारी, विभाग से आपको जानकारी चाहिए, तो आप RTI के ज़रिए उसे कानूनन मांग सकते हैं। यह लेख RTI की पूरी जानकारी – मतलब, प्रक्रिया, नियम, अधिकार और आवेदन का तरीका सरल भाषा में बताएगा।
📘 RTI क्या है?
RTI एक कानून है जो 2005 में भारत सरकार द्वारा लागू किया गया था। इस कानून के तहत आप किसी भी सरकारी विभाग से पूछ सकते हैं:
- आपने किस योजना में कितना खर्च किया?
- किस अधिकारी ने किस फाइल को मंजूरी दी?
- सरकारी भर्ती, परियोजना या फंड का स्टेटस क्या है?
RTI से सरकारी जवाबदेही (accountability) बढ़ती है और भ्रष्टाचार कम होता है।
🏛️ कौन-कौन RTI के दायरे में आता है?
RTI के तहत शामिल | RTI के तहत नहीं |
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केंद्र और राज्य सरकारें | NGOs जिनको सरकारी सहायता नहीं मिलती |
सरकारी विभाग | प्राइवेट कंपनियाँ |
नगर निगम, पंचायत, रेलवे, बिजली बोर्ड | राजनीतिक दल (कुछ हद तक) |
सरकारी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय | सेना और कुछ खुफिया एजेंसियाँ (कुछ सीमाओं के साथ) |
✍️ RTI कैसे लिखें? (Step-by-Step Process)
📌 Step 1: आवेदन तैयार करें
- साधारण कागज़ पर लिखें: “RTI Act 2005 के तहत सूचना हेतु आवेदन”
- अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर ज़रूर लिखें
- आप किस विभाग से, क्या जानकारी मांग रहे हैं – साफ-साफ प्वाइंट में लिखें
- यह भी लिखें कि आप भारतीय नागरिक हैं
📌 Step 2: फीस जमा करें
- आवेदन के साथ ₹10 का पोस्टल ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट संलग्न करें
- BPL कार्डधारकों के लिए RTI निःशुल्क है
📌 Step 3: आवेदन कहां भेजें?
- सम्बंधित विभाग के P.I.O. (Public Information Officer) को भेजें
- स्पीड पोस्ट, RTI पोर्टल या हाथ से जमा करें
🌐 ऑनलाइन RTI कैसे करें?
केंद्र सरकार के लिए RTI ऑनलाइन आवेदन करें:
🔗 https://rtionline.gov.in
ऑनलाइन आवेदन के फायदे:
- घर बैठे RTI भेजना
- Online Tracking
- Online Payment
- डिजिटल रिसिप्ट और रेफरेंस नंबर
⏳ RTI का जवाब कितने समय में आता है?
स्थिति | समय सीमा |
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सामान्य RTI | 30 दिन |
किसी व्यक्ति की Life & Liberty का मामला | 48 घंटे |
अगर ट्रांसफर की गई है दूसरे विभाग को | 5 दिन अतिरिक्त |
❗अगर जवाब ना मिले तो?
- पहली अपील: 30 दिन के भीतर उच्च अधिकारी के पास
- दूसरी अपील: राज्य या केंद्रीय सूचना आयोग में
- जुर्माना: PIO पर ₹250 प्रति दिन, अधिकतम ₹25,000 तक
🛡️ RTI का महत्व क्यों है?
- पारदर्शिता बढ़ाता है
- जनता को जानकारी का अधिकार देता है
- सरकारी काम में जवाबदेही लाता है
- भ्रष्टाचार पर अंकुश
- सेवा में,
- जन सूचना अधिकारी,
- [विभाग का नाम],
- [पता]
- विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत जानकारी हेतु आवेदन।