महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, और शैक्षिक रूप से सशक्त और स्टार्टअप के रूप में बढ़ावा देना है, ताकि वे समाज में समान अधिकार और अवसर प्राप्त कर सकें। यह अभियान न केवल महिलाओं को उनके स्थायित्व के प्रति सलाहकार बनाता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित भी करता है।
आज के दौर में महिला भागीदारी समाज के हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सरकार और सामाजिक संस्थाएं मिलकर महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जिनमें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और कानूनी अधिकार के प्रति जागरूकता शामिल है। महिला सशक्तिकरण के माध्यम से महिलाओं को अपने जीवन का अहम निर्णय लेने और अपने भविष्य को संवारने का अधिकार है।
महिला सशक्तिकरण का यह सफर केवल महिलाओं के लिए नहीं है, बल्कि पूरे समाज के समग्र विकास का प्रतीक है, क्योंकि जब भी महिलाएं बिकती हैं, तब समाज और राष्ट्र की प्रगति की राह और भी मजबूत होती है।


