अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान जाति क्रमांक 15 में वर्णित गडरिया,गाडरी,गायरी,धनगर, पुरबिया समाज को राजस्थान की विमुक्त घुमंतू एवम् अर्द्ध घुमंतू जनजाति की सूची में जोड़ने को लेकर दिया ज्ञापन
निंबाहेड़ा : निंबाहेड़ा में यहां मंगलवार को सुबह 11 बजे विमुक्त घुमंतू एवम् अर्द्ध घुमंतू जनजाति महासंघ द्वारा अपनी मांग को लेकर राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। विमुक्त घुमंतू एवम् अर्द्ध घुमंतू जनजाति महासंघ युवा प्रदेश अध्यक्ष नकुल कुमार गायरी के नेतृत्व में गायरी समाज के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा मंगलवार को निंबाहेड़ा के तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधि मण्डल के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि राजस्थान की अन्य पिछड़ा वर्ग के वर्तमान जाति क्रमांक 15 में वर्णित गडरिया,गाडरी,गायरी, धनगर,पुरबिया समाज को विमुक्त घुमंतू एवम् अर्द्ध घुमंतू जनजाति की सूची जोड़ने को लेकर राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है।
उक्त ज्ञापन के अवसर पर गायरी समाज के प्रतिनिधि मण्डल के विमुक्त घुमंतू एवम् अर्द्ध घुमंतू जनजाति महासंघ के युवा प्रदेश अध्यक्ष नकुल कुमार गायरी, युवा प्रदेश अध्यक्ष (राजस्थान) विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू महासंघ, मदन गायरी राष्ट्रीय सचिव धनगर गाडरी समाज, हीरालाल गायरी धनोरा पूर्व जिला अध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष कैलाश गायरी निंबाहेड़ा, कमल गायरी-जोडाबावजी सेवा समिति अध्यक्ष श्यामलाल गायरी मागरोल संभाग उपाध्यक्ष, प्रहलाद गायरी संगठन मंत्री, विनोद गायरी अरनोद प्रतापगढ़, बाबूलाल गायरी निंबाहेड़ा, बंसीलाल गायरी निंबाहेड़ा, श्रवन कुमार गायरी निंबाहेड़ा, रमेश गायरी निंबाहेड़ा, बाबूलाल गायरी निंबाहेड़ा, पुष्कर गायरी अरनोदा संभागीय प्रदेश महासचिव, इंद्र मल गायरी निंबाहेड़ा, मुकेश गायरी निंबाहेड़ा, प्रकाश गायरी निंबाहेड़ा, जगदीशचंद्र गायरी निंबाहेड़ा, ललित गायरी निंबाहेड़ा, शौकीन गायरी निंबाहेड़ा, चांदमल गायरी निंबाहेड़ा, शंकर लाल गायरी बरडा, पारसमल गायरी बरडा, सागरमल गायरी बरडा, राजकूमार गायरी बरडा, रामप्रसाद गायरी गादोला, रामनिवास गायरी गादोला, कैलाश गायरी लाइनमेन गादोला, खेमराज गायरी गादोला, डाडमचद गायरी गादोला, शंभूलाल गायरी गादोला, भेरूलाल गायरी रठांजना, श्यामलाल गायरी रठांजना, कंचन कुमारी गायरी रठांजना, सुरेश गायरी रानीखेड़ा व राजमल गायरी रानीखेड़ा सहित बड़ी संख्या में गायरी समाजजन उपस्थित थे।