नई दिल्ली: भारत में सड़क दुर्घटनाएं हर साल हजारों जिंदगियां छीन लेती हैं। कई बार पीड़ित समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते क्योंकि मौके पर मौजूद लोग पुलिस जांच या कानूनी झंझट के डर से मदद नहीं करते। इसी समस्या के समाधान के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की गई है, जो न केवल मानवता को बढ़ावा देती है बल्कि मददगार को सम्मान भी देती है।
राहवीर योजना की शुरुआत
राहवीर योजना की शुरुआत हरियाणा सरकार ने की थी, जिसे अब पूरे देश में लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य सड़क पर घायल व्यक्ति की गोल्डन ऑवर (पहला घंटा) में मदद करना और उसकी जान बचाना है।
योजना का उद्देश्य
- सड़क हादसे के पीड़ित को जल्द अस्पताल पहुंचाना
- मददगार का सम्मान और ‘राहवीर’ की उपाधि देना
- कानूनी झंझट से मुक्त रखना
- सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना
योजना की मुख्य विशेषताएं
- 24×7 हेल्पलाइन नंबर
- तुरंत एम्बुलेंस सेवा
- मददगार को सर्टिफिकेट और पुरस्कार
- FIR, गवाही या लंबी पूछताछ से छूट
राहवीर कैसे बनें
यदि आप सड़क पर दुर्घटना देखें, तो पहले पुलिस या हेल्पलाइन को कॉल करें, घायल को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाएं और चाहें तो अपनी पहचान गुप्त रखें। आपका नाम सरकारी रिकॉर्ड में ‘राहवीर’ के रूप में दर्ज होगा।
गोल्डन ऑवर का महत्व
दुर्घटना के बाद पहले 60 मिनट में इलाज शुरू हो जाने से 80% से ज्यादा जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। राहवीर योजना इसी सिद्धांत पर आधारित है।
लाभ
- सड़क हादसों में मौतें कम होंगी
- समाज में सहयोग और भाईचारा बढ़ेगा
- मानवता और संवेदनशीलता को प्रोत्साहन मिलेगा
- जनता और सरकार के बीच भरोसा मजबूत होगा
लोगों की प्रतिक्रिया
योजना के शुरू होने के बाद कई राज्यों में राहवीरों ने अनगिनत जिंदगियां बचाई हैं। सोशल मीडिया पर कई उदाहरण हैं जहां आम नागरिकों ने पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई।
सरकार की अपील
सरकार चाहती है कि हर नागरिक इस मिशन में शामिल हो। अगर हम सभी ‘राहवीर’ बन जाएं तो भारत में सड़क हादसों से होने वाली मौतों में भारी कमी आ सकती है।


